Tuesday, May 5, 2020

हिंदी = समानार्थी ( पर्यायवाची ) शब्द

समानार्थी ( पर्यायवाची ) शब्द
एक अर्थ को प्रकट करने वाले अनेक शब्दों को प्रर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहते हैं।प्रत्येक भाषा में ऐसे शब्द हुआ करते हैं।
भाषा में एक ही शब्द का बार -बार प्रयोग करना अच्छा नहीं लगता , इसलिए समानार्थी शब्दों का ज्ञान आवश्यक है ।

नीचे दिए हुए समानार्थी शब्दों का अभ्यास कीजिए ।
१) कोमल = मुलायम  
२) उजला = सफ़ेद 
३) बाल = केश 
४) हल = समाधान 
५) नाक = नासिका 
६) प्रकाश = रोशनी 
७) पर = पंख 
8) चाँद = चंद्रमा
९) मौका = अवसर 
१०) हवा = वायु  
११) धरती = जमीन 
१२) बिजली = विद्युत 
१३) आकाश = आसमान 
१४) स्वप्न = सपना 
१५) मूल्य = कीमत 
१६) दृष्टि = नजर 
१७) सहसा = अचानक 
१८) किनारा = तट 
१९) आदर = सन्मान 
२०) निरादर = अपमान 
२१) अंधकार =  अंधेरा,तम, तिमिर
२२) अजेय = अजित,अपराजय, अपराजित
२३) अनुचर  = सेवक,दास,भृत्य,नौकर
२४) अमृत = सुधा ,पीयूष,सोम,अभी,
२५) आंँख =  दृग,लोचन, चक्षु, नेत्र, नयन, विलोचन
२६) आकाश  = अंबर गगन,नभ ,व्योम, शून्य
२७) इच्छा =  आकांक्षा,मनोरथ, कामना,चाह
२८) उद्यान = उपवन,बगीचा, बाग, वाटिका

कृतिकार्य
प्रत्येक पाठ में आए शब्द चुनकर समानार्थी शब्द लिखिए ।
समानार्थी शब्दों का संग्रह -बुक तैयार कीजिए ।

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Monday, May 4, 2020

हिंदी - विलोम शब्द

विलोम शब्द

कुछ शब्दों के युग्म ऐसे होते हैं जो परस्पर विरोधी होते हैं।ऐसे युग्म विलोम या विपरीतार्थक (विरुद्ध अर्थ) शब्द कहे जाते हैं।

जैसे नया और पुराना परस्पर विरोधी हैं।
हिंदी भाषा में भी ऐसे विलोम शब्दों की जोड़ियां उदाहरण के रूप में देखते हैं।
जैसे
अंधकार -    प्रकाश
अधिक    -   न्यून
अनुकूल   -  प्रतिकूल
अनुरक्ति -  विरक्ती
आचार  -   अनाचार
आदर   -   निरादर
आदान  -   प्रदान
उत्तर    -   दक्षिण
उत्थान  -   पतन
कीर्ति   -    अपकीर्ति
दोषी    -    निर्दोष
नवीन    -   प्राचीन
प्रस्तुत   -   अप्रस्तुत
वरदान   -   शाप
शांत    -    अशांत

निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द -
१.अनुज - अग्रज
२.अनुराग- विराग
३.अपव्यय- मितव्यय
४.आकर्षण- विकर्षण
५.आगत- अनागत
६.आगामी- विगत
७.आदर्श- यथार्थ
८.आध्यात्मिक- भौतिक
९.आभ्यंतर- बाह्य
१०.आर्द्र- शुष्क
११.आज्ञा- अवज्ञा
१२.उग्र- शांत
१३.उत्कर्ष- पराभव/अपकर्ष
१४.उद्दंड- विनम्र
१५.उर्वरा- ऊसर
१६.ऋणी- उऋण
१७.ऋजु - कुटिल/वक्र
१८ओछा- उदार
१९.कृपालु- क्रूर
२०.घातक - रक्षक
२१.छली- निश्छल
२२.जागृति- सुषुप्ति/निद्रिस्त
२३.ठोस- तरल
२४.तटस्थ - पक्षधर
२५.प्रत्यक्ष - परोक्ष
२६.प्राच्य- पाश्चात्य
२७.भोगी-  योगी
२८.संकीर्ण- विस्तीर्ण
२९.सर्वज्ञ - अल्पज्ञ
३०.सुघड - अनगढ

कृतिकार्य
पाठ में आए विलोम शब्दयुग्म  तैयार करें।

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Sunday, May 3, 2020

हिंदी - लिंग

लिंग 
     शब्द के जिस रूप से यह ज्ञात होता है कि वह पुरुष जाति का है या स्त्री जाति का उसे लिंग कहते हैं।

लिंग के प्रकार
1) पुल्लिंग
पुरुष जाति  के शब्द पुल्लिंग
लड़का, मनुष्य, घोड़ा ,देश
नित्य पुल्लिंग शब्द
जैसे:-
उल्लू , कीड़ा, तोता, खरगोश, कौआ, खटमल, पक्षी, भेड़िया, मच्छर, पशु
देशों के नाम प्राय: पुल्लिंग होते हैं।
उसी प्रकार
पर्वत ,अनाज ,पेड़ ,धातु ,ग्रह ,वार ,
मास ,समुद्र ,बहुमूल्य पदार्थों ,तेल ।
आदि पुल्लिंग में होते हैं ।
लेकिन कुछ अपवादों को छोड़ कर ।

2) स्त्रीलिंग
स्त्री जाति के शब्द स्त्रीलिंग कहलाते हैं।
लड़की, देवी ,घोड़ी ,गायिका
नित्य स्त्रीलिंग शब्द
जैसे:-
सन्तान, सवारी, मछली, मक्खी, मकड़ी, मैना, लोमड़ी, गिलहरी, कोयल, भेड़, बुलबुल
ई कारांत शब्द प्राय: स्त्रीलिंग में होते हैं । 
नदी ,रोटी ,टोपी ,उदासी ,बोली ,लेखनी पोथी ।
भाषाओं के नाम , लिपियों के नाम , तिथियों के नाम, स्त्रीलिंग में होते हैं ।

संदर्भानुसार उभयलिंगी शब्द
राजदूत आया ।
राजदूत आयी ।
डॉक्टर  मंत्री  प्रधानमंत्री  राष्ट्रपति अध्यक्ष  मैनेजर

आ जोड़ने से लिंग परिवर्तन
अनुज    अनुजा
आचार्य   आचार्या
छात्र        छात्रा
बाल        बाला
भवदीय    भवदीया

ई प्रत्यय के योग से 
देव     देवी
पहाड़   पहाड़ी
घोड़ा    घोड़ी
दास    दासी

इया  प्रत्यय जोड़कर
कुत्ता    कुतिया
चूहा     चुहिया
डिब्बा।   डिबिया

नी जोड़ने से
ऊंट     ऊंटनी
जाट     जाटनी
भील    भीलनी

इनी जोड़ने से
अभिमानी   अभिमानिनी
एकाकी      एकाकिनी
तपस्वी       तपस्विनी

आनी प्रत्यय जोड़कर
इंद्र         इंद्रानी
चौधरी    चौधरानी
जेठ       जेठानी
भव     भवानी

अक को इका करने से
अध्यापक    अध्यापिका
गायक         गायिका
दर्शक         दर्शिका
पुस्तक         पुस्तिका

भिन्न शब्दों वाले लिंग युग्म
अभिनेता     अभिनेत्री
कवि            कवयित्री
गाय             बैल
नर                नारी /मादा
पुत्र                पतोहू (पुत्र बधू)
भाई               भावज बहन

कृतिकार्य
अपने प्रत्येक पाठ में आए पुल्लिंग और स्त्रीलिंग शब्द छांँटकर लिखिए ।

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Saturday, May 2, 2020

हिंदी - वचन

वचन

शब्द के जिस रूप से उसके एक अथवा अनेक होने का बोध होता है उसे वचन कहते हैं।

हिंदी में दो वचन हैं।
१) एकवचन
२) बहुवचन

१) एकवचन
शब्द के जिस रूप से उसके एक संख्या में होने का बोध होता है उसे एकवचन कहते हैं।
जैसे:-
लड़का, पतंग, पुस्तक,गाड़ी, पुरुष।

२) बहुवचन
शब्द के जिस रूप से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं का बोध होता है उसे बहुवचन कहते हैं।
जैसे:-
लड़कें ,पतंगें , पुस्तकें, गाड़ियां, पुरुषों ।

गणनीय संज्ञाएंँ  जिसे गिना जाता है।
भेजें पुस्तकें,सेब,संत्रे ,मकान
अगणनीय संज्ञाएंँ  (जिसे नापातौला जा सकता है ऐसी )
सोना ,चांदी ,आटा ,तेल ,घी

आदर  सूचित करने के लिए बहुवचन का प्रयोग किया जाता है ।
जैसे:-
महात्मा गांधी अहिंसा के पुजारी थे।
मेरे पिताजी अध्यापक हैं।
निम्न संज्ञाएं  सदा बहुवचन में प्रयुक्त होती हैं।
जैसे:-
लोग ,दर्शन,प्रजा ,रोम ,प्राण ,बाल,होश ,हस्ताक्षर ,चरण ।

जिन शब्दों के साथ जाति दल सेना समूह आदि प्रयुक्त होता है उनका प्रयोग एकवचन में होता है।
जैसे
मनुष्यजाति
छात्रदल
जनसमूह

भाववाचक संज्ञाएं एकवचन में होती हैं ।
मिठास ,सुंदरता ,मोह

पुल्लिंग संज्ञाओं का बहुवचन
कारात संज्ञाओं के अंतिम आ के स्थान पर कारांत लगाने से बहुवचन होता है।
जैसे:-
कपड़ा कपड़े
बच्चा बच्चें
पंखा पंखे
लड़का लड़कें
(अपवाद काका,मामा,लाला,पापा,नाना, चाचा,दरोगा ,पंडा,ओझा,दारा )

वचनों के समान रूप(एकवचन और बहुवचन )
बालक बालक
योगी योगी
साधु साधु
कवि कवि

याॅं जोड़कर
जाति जातियांँ
तिथि तिथियांँ

को इयांँ जोड़कर बहुवचन
घोड़ी घोड़ियांँ
लड़की लड़कियांँ
स्री    स्रीयाँ

लगाने से बहुवचन
आत्मा आत्माएंँ
धेनु धेनुएंँ
गौ  गौएंँ
बहू बहुएंँ

कृतिकार्य
वचन बदलिए
पुस्तक     आंँख     काफी     चिड़िया     चाचा
कुत्ता        सेना      झाड़ू       मामी         पडोसिन
पति         माला     परीक्षा     डिबिया      दादा
नातिन      पड़ोसी  ग्रंथ         ग्वालन

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Friday, May 1, 2020

हिंदी - संधि

संधि

संधि की परिभाषा
संधि का अर्थ होता है मेल या फिर मिलना। जब हम दो शब्दों को मिलाते हैं तो पहले शब्द की अंतिम ध्वनी एवं दुसरे शब्द कि पहली ध्वनी मिलकर जो परिवर्तन लाती है, उसे ही संधि कहते हैं।

जब संधि किये गए दो शब्दों को हम अलग अलग करके लिखते हैं तो वह संधि विच्छेद कहलाता है।
संधि के कुछ उदाहरण
तथास्तु : तथा + अस्तु
इस उदाहरण में आ एवं अ मिलकर आ बन गए एवं अ का लोप हो गया।

पदोन्नति : पद + उन्नति
इस उदाहरण में अ एवं उ मिलकर ओ बन गए। उ का लोप हो गया।

सर्वोच्च : सर्व + उच्च
इस उदाहरण में भी अ एवं उ मिलकर ओ बन गए व उ का लोप हो गया।

चिरायु : चिर + आयु
ऊपर दिए गए उदाहरण में र एवं आ मिलकर रा बना देते हैं।

समानांतर : समान + अंतर
ऊपर दिए गए उदाहरण में न एवं अ ने मिलकर ना बना दिया है।

प्रत्येक : प्रति + एक
जैसा कि आप ऊपर दिए गए उदाहरण में देख सकते हैं ति एवं ए ने मिलकर त्ये बना दिया।

संधि के भेद :
1) स्वर संधि
2) व्यंजन संधि
3) विसर्ग संधि

1. स्वर संधि
जब दो स्वर आपस में जुड़ते हैं या दो स्वरों के मिलने से उनमें जो परिवर्तन आता है, तो वह स्वर संधि कहलाती है। जैसे :

विद्यालय : विद्या + आलय 
इस उदाहरण में आप देख सकते है कि जब दो स्वरों को मिलाया गया तो मुख्य शब्द में हमें अंतर देखने को मिला। दो आ मिले एवं उनमे से एक आ का लोप हो गया।

स्वर संधि के भेद:
1. दीर्घ संधि
संधि करते समय अगर (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है, जब (इ, ई) के साथ (इ , ई) हो तो ‘ई‘ बनता है, जब (उ, ऊ) के साथ (उ ,ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है। जब ऐसा होता है तो हम इसे दीर्घ संधि कहते है।
2. गुण संधि
जब संधि करते समय  (अ, आ) के साथ (इ , ई) हो तो ‘ए‘ बनता है, जब (अ ,आ)के साथ (उ , ऊ) हो तो ‘ओ‘ बनता है, जब (अ, आ) के साथ (ऋ) हो तो ‘अर‘ बनता है तो यह गुण संधि कहलाती है।
3. वृद्धि संधि
जब संधि करते समय जब अ , आ  के साथ  ए , ऐ  हो तो ‘ ऐ ‘ बनता है और जब अ , आ  के साथ ओ , औ हो तो ‘ औ ‘ बनता है। उसे वृधि संधि कहते हैं।
4. यण संधि
जब संधि करते समय इ, ई के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ य ‘ बन जाता है, जब उ, ऊ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ व् ‘ बन जाता है , जब ऋ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘ र ‘ बन जाता है।
5. अयादि संधि
जब संधि करते समय ए , ऐ , ओ , औ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो (ए का अय), (ऐ का आय), (ओ का अव), (औ – आव) बन जाता है। यही अयादि संधि कहलाती है।

2. व्यंजन संधि
जब संधि करते समय व्यंजन के साथ स्वर या कोई व्यंजन के मिलने से जो रूप में परिवर्तन होता है, उसे ही व्यंजन संधि कहते हैं।

उदाहरण :
दिक् + अम्बर = दिगम्बर
अभी + सेक = अभिषेक
दिक् + गज = दिग्गज
जगत + ईश = जगदीश

3 विसर्ग संधि

विसर्ग संधि के बाद स्वर या व्यंजन वर्ण के आने से जो विकार उत्पन्न होता है, हम उसे विसर्ग संधि कहते हैं।

उदाहरण:
अंतः + करण : अन्तकरण
अंतः + गत : अंतर्गत
अंतः + ध्यान : अंतर्ध्यान
अंतः + राष्ट्रीय : अंतर्राष्ट्रीय

स्वाध्याय गृहकार्य
 कृति पूर्ण कीजिए
संधिविच्छेद और संधिभेद लिखिए
महेश.              सज्जन
दुर्जन                सत्कर्म
सम्मान              महींद्र
उत् +श्वास.        ने +अन
उद् +धरण.        शे +अन
देव +इंद्र            दिक् +गज
नर + ईश.         वाक् + दत्ता
पुन:+चर्या         सत् + गति
*राम +अभिलाषा (राम अभिलाषा)
*आम +चूल.      सत् + वाणी
*बात+रस          वाक् +जाल
हाथ+कंडा     विसर्ग संधि
कभी + इष्ट.       अधोगति
रवि + इंद्र.          मनोबल
गिरि + ईश.         मनोविकार
रजनी + ईश        तेजोमय
शची +इंद्र.          तपोबल
एक +,एक           वयोवृद्ध
 __________


मत +ऐक्य           प्रश्नोत्तर
*महा + ऐश्वर्य.      दुर्बल
*दंत + ओष्ठ         नायिका
*परम + ओज      अत्यंत
*महा +ओज.        उल्लेख
मनोहर.                जगन्नाथ
विद्यार्थी.              संसार 

https://testmoz.com/q/3084682  इस लिंक पर जाकर परीक्षा दीजिए । 


प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु!

प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु! दि कॉन्फरन्स ऑफ चर्चेस ऑफ ख्राइस्ट इन वेस्टर्न इंडिया संस्थेचे, मिशन गर्ल्स हायस्कूल, श्रीगोंदा, ता. ...