Sunday, May 10, 2020

हिंदी - उपसर्ग और प्रत्यय

उपसर्ग और प्रत्यय

उपसर्ग
उपसर्ग वे शब्दांश हैं जो किसी शब्द से पूर्व लगकर उस शब्द का अर्थ बदल देते हैं या नयी विशेषता उत्पन्न कर देते हैं।
जैसे :- 
अतिक्रमण (अति+क्रमण)

हिंदी में संस्कृत भाषा से उपसर्ग
अति,अधिक ,अनु अप,अभि,अव,आ,उतर,उप,दुस/दुर,
निर/,निस्,नि, परा,परि,पत्र,प्रति,वि,सम् /सं,

कुछ उदाहरण
अत्यंत 
अतिरिक्त
अधिकार
अनुभव
अपकार
अभिमान
अवकाश
आकंठ 
उत्तम
उच्छवास
उपग्रह
दुराचार
दुस्साहस
निरपराध
निर्जन
निपात
पराजय
परिकल्पना
प्रकृति
प्रतिक्रया
विकल 
संकल्प
संसार
सुकर
अंतर्धान

हिंदी के उपसर्ग
अध ,अन,उन,औ,अव,दु,नि,पर,बिन,भर,से/सु,।
फारसी उर्दू के उपसर्ग
ऐन,कम,खुश,गैर,दर,ना,ब,बा,बुरा,बिला,से ,ला,सर,हम,हर   ।

प्रत्यय
जो शब्दांश धातु रूप या शब्दों के अंत में लगकर नये शब्दों का निर्माण करते हैं उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
जो प्रत्यय क्रिया के मूल धातु -रूप के साथ लगकर संज्ञा और विशेषणों का निर्माण करते हैं वे कृत प्रत्यय कहलाते हैं।
जैसे
पढ़ पढ़ाई (आई)
हिंदी के कृत प्रत्यय
अक्कड - घुमक्कड़
अन - ढक्कन
 अन्त - रटंत
आ - भूला लिखा भटका
आई - दिखाई,कमाई
आए - कमाऊ ,बिकाऊ 
आक - तैराक चालाक
आका - लड़का 
आकू - लड़ाकू
आन - मिलान
आव - बहाव
आवट - मिलावट
आहट - चिल्लाहट
इया - घटिया
ई - हंसी
ऐया - खिवैया 
औंना - खिलौना
क - लेखक 
कर - गिनकर
त - खपत
ता - बहता
 ती - गिनती 
वाई - सुनवाई

  उपसर्ग और प्रत्यय यह बड़ा सूक्ष्म विषय है हमें अध्ययन  के समय पाठ में आए  हरेक उपसर्ग और प्रत्यय घटित शब्दों की ओर सहेतुक दृष्टि से देखना चाहिए। 
हिंदी में संस्कृत मराठी अरबी फारसी और उर्दू से अनेक शब्द आए हैं । इसलिए हमें पाठ में आए प्रत्येक शब्द की उत्पत्ति व मौलिक रचना किस प्रकार की होती है यह देखना चाहिए।
और ऐसे उपसर्ग और प्रत्यय घटित शब्द अलग-अलग करके लिखना है।
ऊपर केवल संक्षिप्त जानकारी दी गई है।

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Saturday, May 9, 2020

हिंदी - कठिन शब्दों के अर्थ

कठिन शब्दों के अर्थ

वास्तव में शब्द कभी भी कठिन नहीं होता वह हमारे लिए अपरिचित होता है।हमने उसे जानने समझने की कोशिश नहीं की होती है।
शब्द कठिन नहीं नया होता है ।और ऐसे शब्दों का अर्थ हमें मालूम होना जरूरी है । हिंदी भाषा में तीन चार लाख से भी अधिक शब्द है सभी के सभी हमें परिचित नहीं होते कुछ शब्द नये होते हैं अर्थ की दृष्टि से कठिन लगते हैं ऐसे ही कुछ शब्दों से आज हम परिचित करवा रहे हैं।

कुछ अपरिचित शब्द

बथान  = गाय बैल को बांधने का स्थान (गोठा)

मवेशी = खेती उपयुक्त पशु 

हौका =दीर्घ नि:श्वास

खली = तिलहन (पेंड)

कांजी हाऊस = मवेशीखाना (कोंडवाडा)

औंधा = उल्टा ,ओणवा

क्लिस्ट = जटिल = ‘कठिन’।

अट्टालिका = किसी उंच्ची इमारत का ऊपरी कक्ष या हिस्सा।

जिजीविषा =  जीवित रहने की इच्छा।

तारतम्य = किसी घटना या क्रम की आवृत्ति।

अक्षुण्ण = जिसके टुकड़े करना संभव ना हो।

कृतघ्न= उपकार ना मानने वाला।

निर्वाण का अर्थ – मुक्ति, मोक्ष या मृत्यु

निर्माण  – बनना

बाग़  – बगीचा

आचार  – व्यवहार या आचरण

कंगाल – जिस के पास बिल्कुल धन न हो

तरणि  – नौका

अनिष्ट  – नुक़सान

अवधि  – काल

आभास  – अनुभूति

दैव  – भाग्य

अश्लील = गंदा

अनायास= बिना मेहनत के

अभियान= उद्देश्यपूर्ण यात्रा

अस्थि= हड्डी

अनुचित= बुरा

रिक्त= खाली

विख्यात= मशहूर

शिखर= पहाड़ की चोटी

संशोधन= सुधार

सुरभित = सुगंधित

सिद्ध= प्रमाणित

वसुधा = धरती

वसन= कपड़ा

वरुण = जल के देवता

प्रभाकर= सूर्य

संगणक = कंप्‍यूटर

नश्वारता = नाशवान

यत्किंचित = थोड़ा बहुत

प्रगल्भ =चतुर, हाेशियार

क्षीणवपु - कमजोर

आरूझाई- उलझाना

पाषाण कोर्त्तक= पत्थर की मूर्ति बनाने वाला

निर्निमेष =अपलक देखना

चरायंध = दुर्गंध

सांसोच्छेदन =सांसों को समाप्त करना

श्लाघ्य = प्रशंसनीय

स्वैराचार = स्वेच्छाचार  

सुमुत्सुक = उत्साहित

वात्याचक्र = भंवर

हस्तामलकवत्=हथेली पर रखे आंवले के समान

भक्ष्याभक्ष = खादय, अखादय

विस्थापन=लोगों को अपने घरों एवं जमीनों से हटाना।

गाद = नदियों द्वारा वहन किये जाने वाले मिट्टी, रेत, धूल एवं पत्थर।

स्वैच्छिक संस्था = एक संस्था जो सरकार से स्वतंत्र हो।

अम्बर = वस्त्र, आकाश

अन्तर = फर्क, दूरी, भेद

चक्र = एक अस्त्र, षड्यंत्र, पहिया

जलधर = बादल, सागर

पूत = पवित्र, पुत्र

सूत = सारथी, धागा
 
अभिराम = मनोहर

मंदर = पर्वत

युगल = दो का जोड़ा

व्यजन = पंखा  

सम्प्रति = अब

स्मित = मुस्कान

द्विप = हाथी

परिषद् = सभा

चरम = अंतिम सीमा

भित्ति = दीवार

व्याधि = बीमारी

स्वेद = पसीना  

द्वीप = टापू

प्राकार = चारदीवारी

कृति कार्य
1. निम्नलिखित नए शब्दों का अर्थ अपनी काफी में लिखिए ।
 
2. स्वाध्याय 
प्रत्येक पाठ में आए लेकिन आपको कठिन या अपरिचित लगने वाले शब्दों की सूची बनाइए और शिक्षकों से  अर्थ जानने व लिखने की कोशिश कीजिए।

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Friday, May 8, 2020

हिंदी - समोच्चारित हिंदी मराठी शब्द



समोच्चारित  हिंदी मराठी  शब्द

हिंदी में अनेक ऐसे शब्द हैं जो लिखने बोलने और दीखने में एक समान होते हैं लेकिन वे अन्य भाषाओं से आने के कारण अलग-अलग अर्थ रखते हैं।
ऐसे अनेक शब्द हिंदी में मराठी, संस्कृत, अरबी, फारसी, अंग्रेजी आदि भाषाओं से आए हैं । हमें इनके अर्थों में व वर्तनी में होने वाला भेद भी जानना आवश्यक होता है । ऐसे ही कुछ समोच्चारित शब्द हम शब्द संपदा के अंतर्गत देख रहे हैं।

जैसे:- 
बस का हिंदी में अर्थ होता है नियंत्रण
फारसी में प्रर्याप्त
अंग्रेजी में वाहन बस 

आम 
एक फल
सामान्य

कम 
अंग्रेजी युक्त
हिंदी में न्यून

इसी प्रकार कुछ समोच्चारित शब्द देखते हैं।

अंश - भाग
अंस - कंधा 

अचल - पर्वत
अचला - पृथ्वी

अति - बहुत
इति - समाप्त

अनिल - वायु
अनल - आग

अन्न - अनाज
अन्य - दूसरा 

अचर - जड़
अचिर - शीघ्र

अतल - गहरा 
अतुल - काफी ,बड़ा 

अधम - नीच
अधर्म - पाप

अणु - कण
अनु - पीछे

अदृश्य - गायब ,दिखाई न दे
अदृष्ट - भाग्य

अपकार - बुरा 
उपकार - भला 

अंत - समाप्ति
अन्त्य - अंतिम

अपेक्षा - आवश्यकता
उपेक्षा - तिरस्कार

अंबु - माता 
अम्बु - जल 

अवध - प्रांत का नाम
अवध्य - न मारने योग्य

आकर - खान
आकार - आकृति 

रज्जु - रस्सी
ऋजु - सीधा ,सरल

लक्ष्य - उद्देश्य
लक्ष - लाख

वर्ण - रंग ,अक्षर
वरण - स्वीकार 

वसन - वस्त्र
व्यसन - बुरी आदत

वारिद - मेघ
वारिधि - समुद्र

विलक्षण - विचित्र
विचक्षण - दूरदर्शी

विमर्श - आदान प्रदान
विमर्ष - क्रोध

विस्मय - हैरानी
विषमय - जहर भरा

वेश्या - गणिका
वैश्या - वैश्य की पत्नी

व्यंजन - खाद्य पदार्थ
व्यजन - पंखा (विजन सुनसान)

व्याकरण - भाषा शास्त्र
वैयाकरण  - व्याकरण जाननेवाला 

शाम - सायं काल
श्याम  -  काला ,एक नाम 

शिखर - चोटी
शेखर - मस्तक 

पिक - कोयल
पीक - पान की थूक

पुत - एक प्रकार का नरक
पूत - पवित्र , पुत्र

पुर - नगर
पूर - जलप्रवाह

शेर -  सिंह
सेर -  एक प्रकार का धान

शूक - एक प्रकार का कीड़ा
शुक - तोता

शिर  - मस्तिष्क
क्षीर -  दूध

शमा -  चिराग, मोमबत्ती, दीया
समाॅं -  समय वक्त

शील - स्वभाव, आचरण
सील - नमी , आर्द्र-

शुचि -  पवित्र
सूची - तालिका

स्कंद -  विनाश
स्कंध - कंधा ,भाग

सलिल -  जल
सलील -  सहजता से

सुकर - सहज
सूकर - सूअर

सुरभि -  सुवास गंध
सुरभी - वसंत ,गाय

विजन - एकांत 
वीजन - पंखा

विद - समूह ,पानी की बूंद
विंध - विंध्याचल

साई - पेशगी
साईं - ईश्वर 

विना - अलावा
वीणा -  एक तंतुवाद्य, बाजा

https://testmoz.com/q/3221152  इस लिंक पर जाकर परीक्षा दीजिए ।

Thursday, May 7, 2020

हिंदी - शब्दयुग्म


शब्दयुग्म

परिभाषा
हिंदी भाषा के अनेक शब्द ऐसे हैं, जिनका उच्चारण प्रायः एक समान होता हैं। किंतु, उनके अर्थ भिन्न होते है। इन्हे 'युग्म शब्द' कहते हैं।
हिन्दी में शब्दों को समोच्चरितप्राय भिन्नार्थक शब्द'  कहते हैं। हिन्दी भाषा मात्रा, वर्ण और उच्चारण प्रधान-भाषा है। इसमें शब्दों की मात्राओं अथवा वर्णों में परिवर्तन करने से अर्थ में काफी अन्तर आ जाता है।
अतएव, वैसे शब्द, जो उच्चारण की दृष्टि से असमान होते हुए भी समान होने का भ्रम पैदा करते हैं, युग्म शब्द होते हैं।
सुनने में समान; परन्तु भिन्न अर्थवाले शब्द ।
जैसे:- 
आप हमारे श्वजन हैं।
आप हमारे स्वजन हैं।
अगर किसी मेहमान को कहा कि 
आइए जी ,आप हमारे श्वजन हैं।
अगर वह श्वजन का अर्थ भलिभांति जानता हो तो मामला बिगड़ जाएगा।
स्वजन याने अपने नजदीकी मेहमान।और श्वजन  याने कुत्ता।

यहाँ ऐसे युग्म शब्दों की सूची उनके अर्थो के साथ दी जा रही है-

 अ.क्र. शब्द अर्थशब्द  अर्थ
 1 अंस कंधा  अंश हिस्सा
2 अँगन घर का आँगन अंगना स्त्री
3 अनिल हवा अनल आग
 4 अम्बु जल अम्ब माता, आम
 5 अथक बिना थके हुए  अकथ जो कहा न जाय
6 अध्ययन  पढ़ना अध्यापन पढ़ाना
 7 अधम नीच अधर्म पाप
 8 अली सखी अलि  भौंरा
 9 अन्त समाप्ति अन्त्य नीच, अन्तिम
 10 अम्बुज कमल  अम्बुधि सागर

  1. असन - भोजन
  2. आसन - बैठने की वस्तु
  1. अणु - सूक्ष्म कण
  2. अनु - एक उपसर्ग, पीछे
  1. अभिराम  - सुन्दर
  2. अविराम - लगातार, निरन्तर
  1. अपेक्षा - इच्छा, आवश्यकता, 
  2. उपेक्षा - निरादर
  1. अवलम्ब - सहारा
  2. अविलम्ब - शीघ्र
  1. अतुल - जिसकी तुलना न हो सके
  2. अतल -  तलहीन
  1. अचर - न चलनेवाला
  2. अनुचर - दास, नौकर
  1. अशक्त - असमर्थ, 
  2. शक्तिहीन - असक्त,विरक्त
  1. अगम -  दुर्लभ, अगम्य
  2. आगम - प्राप्ति, शास्त्र
  1. अभय - निर्भय
  2. उभय - दोनों
  1. अब्ज - कमल
  2. अब्द  - बादल, वर्ष
  1. अरि - शत्रु
  2. अरी - सम्बोधन (स्त्री लिंग के लिए)
  1. अभिज्ञ - जाननेवाला
  2. अनभिज्ञ- अनजान
  1. अक्ष  - धुरी,आस
  2. यक्ष - एक देवयोनि
  1. अवधि  - काल, समय
  2. अवधी - अवध देश की भाषा
  1. अभिहित - कहा हुआ
  2. अविहित - अनुचित
  1. अयश - अपकीर्त्ति
  2. अयस - लोहा
  1. असित - काला
  2. अशित - भोथा
  1. आकर -  खान
  2. आकार - रूप
  1. आस्तिक - ईश्वरवादी
  2. आस्तीक - एक मुनि
  1. आर्ति - दुःख
  2. आर्त्त  - चीख
  1. अन्यान्य - दूसरा-दूसरा
  2. अन्योन्य - परस्पर
  1. अभ्याश - पास
  2. अभ्यास -  रियाज/आदत
  1. आवास - रहने का स्थान
  2. आभास  - झलक, संकेत
  1. आकर -   खान
  2. आकार - रूप, सूरत
  1. आदि -  आरम्भ, इत्यादि
  2. आदी - अभ्यस्त, अदरक
  1. आरति - विरक्ति, दुःख
  2. आरती -  धूप-दीप दिखाना
  1. आभरण - गहना
  2. आमरण -  मरण तक
  1. आयत - समकोण चतुर्भुज
  2. आयात - बाहर से आना
  1. आर्त -  दुःखी
  2. आर्द्र -  गीला
  1. इत्र -  सुगंध
  2. इतर - दूसरा
  1. इति - समाप्ति
  2. ईति -  फसल की बाधा
  1. इन्दु -चन्द्रमा
  2. इन्दुर - चूहा
  1. इड़ा - पृथ्वी/नाड़ी
  2. ईड़ा - स्तुति
  1. उपकार - भलाई
  2. अपकार - बुराई
  1. उद्धत - उद्दण्ड
  2. उद्दत -  तैयार
  1. उपरक्त - भोग विलास में लीन
  2. उपरत - विरक्त
  1. उपाधि - पद/ख़िताब
  2. उपाधी -  उपद्रव
  1. उपयुक्त - ठीक
  2. उपर्युक्त - ऊपर कहा हुआ
  1. ऋत  - सत्य
  2. ऋतु - मौसम

कृति कार्य
गद्य या पद्य पाठ के अध्ययन के बाद आप ऐसा शब्दयुग्म तैयार करें।
शब्द युग्म शब्दों का संग्रह कर अपनी कक्षा में कार्डबोर्ड (चार्ट )पर अपने हस्ताक्षर में लिखकर लटकाए 

https://testmoz.com/q/3202570  इस लिंक पर जाकर परीक्षा दीजिए ।


Wednesday, May 6, 2020

हिंदी - अनेक शब्दों के लिए एक शब्द

अनेक शब्दो के लिए एक शब्द
  

संक्षेप में लिखना किसी भी भाषा का एक महत्वपूर्ण गुण है।अनेक शब्दों के लिए एकही शब्द होना यह हिंदी भाषा की भी विशेषता रही  है।

 ऐसे कुछ उदाहरण हम देखते हैं।

१)  जो करने योग्य न हो - अकरणीय

२) जिसके पास कुछ न हो - अकिंचन

३) जिसे देखा न जा सके - अगोचर

४) जिसका जन्म न हुआ हो - अजन्मा

५) जिसका कोई शत्रु न हो - अजातशत्रु

६) जिसका आदि न हो- अनादि
 
७) खोज करनेवाला  - अन्वेषक 

८) बुराई के लिए प्रसिद्ध - कुख्यात

९) अपनी स्त्रियां स्वयं करनेवाला - आत्मघाती

१०) जिसका ऋण चुका दिया हो -उऋण

११) तीन माह में एक बार होनेवाला-त्रैमासिक

१२) जो पुत्र गोद लिया गया हो -दत्तक

१३) आगे की सोचने वाला - दूरदर्शी

१४)  हानि को पूरा करना ----क्षतिपूर्ति

१५) साठ वर्षपूर्ति वाला उत्सव --हीरकमहोत्सव 

१६) दूसरे के काम में दखल देना      --हस्तक्षेप

१७) पचास वर्षपूर्ति वाला उत्सव ---स्वर्णजयंती

१८) जो सरलता से प्राप्त हो ---सुलभ 

१९) सारी भूमि से संबंधित ---सार्वभौम

२०) मांस खाने वाला ---सामिष/मांसाहारी 

२१) सप्ताह में एक बार होनेवाला ---साप्ताहिक

२२)  एक दूसरे से संबंधित --- सापेक्ष

२३) सहन करने की शक्ति वाला ---सहिष्णु /सहनशील

२४) सर्व प्रकार की शक्तियों से संपन्न ---सर्वशक्तिमान

२५) पत्नी के साथ -----सपत्नीक

२६)  सिर पर धारण करने वाला ---शिरोधार्य

२७) वीर बालकों को जन्म देने वाली ---वीरप्रसु

२८) जिस पर विश्वास किया गया हो ---विश्वस्त

२९) जिस पुरुष की पत्नी मर गई हो ----विधुर

३०) वर्ष में एक बार होनेवाला ----वार्षिक

३१) जिसे वाणी पर पूरा अधिकार हो ---वाचस्पति

३२) लेने की तीव्र इच्छा ----लिप्सा

३३) युद्ध में स्थिर रहने वाला --युधिष्ठिर

३४) युग का निर्माण करने वाला ---युगनिर्माता

३५) कम खाने वाला ---मिताहारी

३६) एक मास में एक बार होनेवाला ---मासिक

३७) मर्म को चोट पहुंचाने वाला ---मर्मांतक

३८)  झाग  से भरा हुआ ---फेनिल

३९)  इतिहास से पहले का --प्रागैतिहासिक

४०)  बुद्धि ही जिसके नेत्र हो ---प्रज्ञाचक्षु

४१) आंँख के सामने ---प्रत्यक्ष

४२) दो सप्ताह में एक बार प्रकाशित होनेवाला --पाक्षिक

४३) जिसके आर पार देखा जा सके ---पारदर्शक

कृतिकार्य
अनेक शब्दों के लिये एक शब्द -
आपको अपरिचित शब्दों को अपनी कापी में लिखकर संग्रहित करें ।

https://testmoz.com/q/3180956  इस लिंक पर जाकर परीक्षा दीजिए ।

प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु!

प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु! प्रवेश सुरु! दि कॉन्फरन्स ऑफ चर्चेस ऑफ ख्राइस्ट इन वेस्टर्न इंडिया संस्थेचे, मिशन गर्ल्स हायस्कूल, श्रीगोंदा, ता. ...